Tuesday, October 11, 2022

Mulayam Singh Yadav नहीं रहे, करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे मुलायम, अपने पीछे छोड़ गए इतनी दौलत

 लखनऊ । सपा के संस्थापक Mulayam Singh Yadav करोड़ों की संपत्ति छोड़कर गए हैं. साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव की ओर से दाखिल हलफनामे में अपनी संपत्ति की जानकारी दी गई थी. उनका आज सुबह ही निधन हो गया है, उन्होंने 82 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. सपा अध्यक्ष और मुलायम के पुत्र Akhilesh Yadav ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आखिरी सांस ली. अखिलेश ने ट्वीट में कहा, मेरे आदरणीय पिता जी और सबके नेता जी नहीं रहे.मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार 11 अक्टूबर को सैफई में दोपहर तीन बजे होगा।

Read More:- रूस का समर्थन करने पर भड़का यू्क्रेन, तीन भारतीयों को ब्‍लैकलिस्‍ट क्‍यों कर दिया, आखिर जानिए क्‍या है पूरा मामला

 

तीन बार रह चुके है सीएम

मुलायम सिंह यादव को पिछली दो अक्टूबर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर समाजवादी पार्टी में शोक की लहर है. मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वहीं मुलायम सिंह यादव अपने पीछे एक बड़ी राजनीतिक विरासत के साथ ही करोड़ों की संपत्ति छोड़ कर गए हैं।

छोड़कर गए इतनी थी संपत्ति

साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव की ओर से दाखिल हलफनामे में अपनी संपत्ति की जानकारी दी गई थी. उनकी संपत्ति करीब 16.5 करोड़ रुपये थी. इस हलफनामे के मुताबिक तब मुलायम सिंह यादव की संपत्ति 16,52,44,300 रुपये थी. इस अचल संपत्ति के साथ ही उन्होंने बताया था कि उनकी पत्नी साधना यादव की सालानाम कमाई 32.02 लाख रुपये थी।

Read More : - आप सरकार में मन्त्री राजेंद्र गौतम पर हिंदू देवीदेवताओं के अपमान करने का आरोप, बीजेपी ने Kejariwal और मंत्री के खिलाफ की शिकायत

बेटे से लिया था कर्ज
साथ ही इस हलफनामे में मुलायम सिंह यादव की तरफ से बताया गया था कि उनके पास कोई कार नहीं थी, साथ ही उन्होंने अपने बेटे अखिलेश यादव से तब 2,13,80,000 रुपये का कर्ज भी ले रखा था. बता दें कि यूपी के इटावा जिले में स्थित सैफई गांव में 22 नवंबर 1939 को मुलायम सिंह यादव का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था. मुलायम सिंह यादव राजनीति में आने से पहले शिक्षक थे, लेकिन शिक्षण कार्य छोड़कर वो राजनीति में आए और आगे चलकर समाजवादी पार्टी बनाई।

Saturday, October 8, 2022

India has the potential to lead the fourth industrial revolution: PM Modi

 पुणे । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसारभारत में चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने की क्षमता हैऔर देश ने वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने के लिए सुधारों पर काम किया है। उन्होंने दावा किया कि नई तकनीक और रचनात्मक सोच चौथी औद्योगिक क्रांति के समान रूप से महत्वपूर्ण घटक हैं।

उन्होंने एक संदेश के माध्यम से कहा कि विभिन्न कारकों के कारणभारत पहले की औद्योगिक क्रांतियों का हिस्सा बनने से चूक गया होगा। लेकिन भारत में उद्योग 4.0 का नेतृत्व करने की क्षमता हैक्योंकि हाल के इतिहास में पहली बार हमारे पास जनसांख्यिकीमांग और निर्णायक शासन जैसे कई अलग-अलग कारक हैं।  जो अब एक साथ आ रहे हैं ।

Read More:- चीन से निपटने की तैयारी में जुटा अमेरिका, हथियारों को लेकर उठाया बड़ा कदम

भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने उद्योग 4.0 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा। मोदी ने यह कहते हुए जारी रखा कि भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में स्थापित करने में अर्थव्यवस्था और व्यवसाय महत्वपूर्ण हैं।

हमने भारत को दुनिया का टेक-पावर्ड मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए सुधारों और प्रोत्साहनों पर काम किया है।"

भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने समारोह के दौरान कहा कि सरकार चौथी औद्योगिक क्रांति के जरिए मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए कई उपाय कर रही है.

पांडे ने कहा, "भारत वैश्विक विनिर्माण का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है... 3डी प्रिंटिंगमशीन लर्निंगडेटा एनालिटिक्स और आईओटी औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।"

एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी स्टोरेज प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव प्रोग्राम भारत को आने वाले वर्षों में आयात पर अपनी निर्भरता को कम करने और निर्यात-उन्मुख अर्थव्यवस्था में बदलने में मदद करेगा।

कार्यक्रम के लिए चुनी गई कंपनियों को घरेलू बैटरी सेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 18,100 करोड़ रुपये के प्रयास के तहत प्रोत्साहन मिलेगा।

http://headlinesindianews.com/Warning-by-a-Kisan-leader-to-Mahesh-sharma--MP-regarding-Shrikant-Tyagi/

50 गीगा वाट घंटे की उत्पादन क्षमता प्राप्त करने के उद्देश्य सेसरकार ने 'एसीसी बैटरी स्टोरेज पर राष्ट्रीय कार्यक्रमके लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दे दी है। इसके अलावामंत्री ने गुजरात (75) और कर्नाटक (100) के लिए 175 इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च कीं। पुणे में उन्होंने सेंटर फॉर इंडस्ट्री 4.0 (C4i4) लैब भी खोली।

Read More:- इन देशो को जंग की कीमत पड़ी महंगी, देश में हुई ईंधन की कमी

देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए 2019 में भारत फेज II (फेम इंडिया फेज II) में इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से अपनाने और विनिर्माण को मंजूरी दी गई थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, 5 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स, 55,000 इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर्स और 7,000 इलेक्ट्रिक बसों को सपोर्ट करना है।

उद्योग 4.0, नई डिजिटल औद्योगिक तकनीक की बदौलत व्यवसाय अब गुणवत्ताप्रभावशीलता और उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी नवाचारों की नवीनतम लहर से लाभ प्राप्त करने की स्थिति में हैं। भारी उद्योग मंत्रालय उद्योग 4.0 और स्मार्ट विनिर्माण के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और आगे बढ़ाने के लिए लगन से काम कर रहा है।

वर्चुअली माध्यम से प्रोग्राम में  भाग लेने वाले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि औद्योगिक क्रांति 4.0 से ऑटो उद्योग को बहुत लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और प्रचार से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी